असुरन रिव्यू । Asuran Movie Review in Hindi

आपको पता हैं दुनियाँ में इश्क, मोहब्बत, नफ़रत, धोखा इन सबसे भी ज्यादा जुनून वाला एक शब्द मौजूद हैं जिसका नाम हैं गुस्सा

जब चेहरा लाल और दिमाग गर्म हो जाए तो इंसान को इंसान का दुश्मन बनने के उतने ही chances हैं जितना अर्जुन कपूर के किसी अच्छी खासी फ़िल्म को फ्लॉप बनाने के।

और जब बात गुस्से की होती हैं तो कबीर सिंह का नाम ना लिया जाए ऐसा तो हो नहीं सकता।

जी हाँ, प्यार में घायल हुए सिरफिरे दिमाग वाला योद्धा जिसने प्रीति को पाने के लिए पूरी सोसायटी के नियम कायदों को अपने गुस्से की आग में भस्म कर दिया था।

लेकिन आज में आपके सामने ऐसे महाशय को ढूँढकर लेके आया हूँ जिनके शरीर में इतनी आग हैं जिससे हवा में उड़ने वाले 10-15 ग़ुब्बारे तो आराम से फूल जाएंगे।

और हाँ, गुस्से वाले रिश्ते में ये जनाब कबीर सिंह के भी बाप लगते हैं।

Asuran, एक खूंखार दमदार साउथ इंडियन फ़िल्म जो आपको भारत में बैठे बैठे हॉलीवुड के दर्शन करवाने वाली हैं।

हैं तो ये तमिल फ़िल्म लेकिन इसको आप अंग्रेजी और हिंदी, दोनों सबटाइटल्स में आराम से देख सकतें हो।

Asuran Movie Review in Hindi

Asuran Cast (स्टार कास्ट)

Asuran फ़िल्म का लीड कैरेक्टर हैं शिवा सामी जिसको निभा रहें हैं धनुष

फ़िल्म में धनुष की बीवी के किरदार का नाम हैं पचैयामाली जिसका किरदार निभाया हैं मंजू वारियर ने।

शिवा के छोटे बेटे चिदम्बरम का किरदार निभाया हैं केन करुणस ने जबकि बड़े बेटे मुरुगन का किरदार प्ले कर रहें हैं तीजय अरुणासलम

वहीं शिवा के साले और पचैयामाली के बड़े भाई मुरुगेसन का कैरेक्टर पशुपति प्ले कर रहें हैं।

Asuran Story (कहानी)

Asuran फ़िल्म की कहानी शिवा नाम के एक मामूली से किसान की हैं जो गाँव में अपने परिवार के साथ चेन की ज़िंदगी जी रहा हैं।

दिन में मेहनत करके पैसे कमाना और रात में शराब के नशे में चूर होकर मस्त गहरी नींद के मजे लेना इनका पसंदीदा शौक बन चुका हैं।

इनका बड़ा बेटा दिमाग से थोड़ा ज्यादा गर्म रहता हैं और आस पड़ोस में मारपीट करना उसके लिए साधारण सी बात हैं।

इस गुस्से की वजह हैं अमीरी गरीबी वाला फ़र्क, जिसमें सफेद कपड़े पहनने वाले लोग बाकी इंसानों को कीड़े मकोडों की तरह मसलना चाहतें हैं।

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तो बस वक्त का पहिया कुछ ऐसा घूमता हैं की शिवा के बेटे का आमना सामना गाँव के सबसे रईस जमींदार से होता हैं जिसकी वजह से जानलेवा खून खराबे के शुरुआत होती हैं जिसमें शिवा अपने हाथों में हथियार उठाने को मजबूर हो जाता हैं।

तब फ़िल्म में एक back story की झलक देखने को मिलती हैं जब शिवा कोई मामूली किसान नहीं बल्कि गुस्से से भरा हुआ एक ज्वालामुखी हुआ करता था।

जिसनें अपने प्यार पर बुरी नज़र डालने वाले लोगों के खून से पूरे शहर को लाल रंग दिया था।

आखिर अतीत में ऐसा क्या हुआ था? जिसकी वजह से शिवा अपने अंदर छुपे हुए भगवान को छोड़कर असुर बनने पर मजबूर हो गया था जिसनें अपने अंधे गुस्से की आग में इंसान के शरीर में मौजूद एक एक अंग को जलाकर राख बना दिया था।

जब एक इंसान अपने अधूरे प्यार का बदला खून की नदी बहाकर ले सकता हैं तो सोचिए जब बात अपने परिवार के ऊपर आएगी तो शिवा के अंदर छुपा हुआ असुर कितना भयानक सर्वनाश ला सकता हैं?

आपको क्या लगता हैं अंत में जीत किसकी होगी? पैसे के घमंड में जीने वाले रईसजादों की जो गरीबी के साथ साथ गरीबों को भी सड़क की मिट्टी में मिलाने के सपने देख रहें हैं।

या फिर प्यार और सच्चाई के दम पर जिंदगी जीने वाले किसान की जिसको बेईमान निक्कमी दुनियाँ ने अपने अंदर छुपे हुए राक्षस को बाहर लाने पर मजबूर कर दिया, सारे जवाब मिलेंगे असुरन में।

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देखो बॉस, सबसे पहले तो असुरन जैसी वास्तविक फ़िल्म बहुत ही कम देखने को मिलती हैं। एक एक scene जैसे का तैसा screen पर उतारा गया हैं जिसमें एक प्रतिशत की भी मिलावट नहीं हैं।

ऐसा लगता हैं जैसे मानों हम किसी स्पेशल पॉवर का इस्तेमाल करके वक्त में पीछे चले गए हैं जहाँ पर हमारी आँखों के सामने अमीरी गरीबी की नोकझोंक चल रहीं हैं और एक मजबूर किसान अपने परिवार की इज्जत की लड़ाई लड़ रहा हैं।

फिर चाहें खतरनाक fighting scenes की बात करें या फिर प्यार में बहने वाले आँसू, हर एक चीज बेहतरीन तरीके से Asuran फ़िल्म में उतारी गयी हैं।

Specially जिस तरीके से जंगल का इस्तेमाल करके कहानी में natural touch को जोड़ा गया हैं वो Asuran को भारत की best फ़िल्म्स की लिस्ट में सबसे ऊपर लाकर खड़ा कर देता हैं।

तारीफ़ करनी होगी Asuran फ़िल्म के मेकर्स की जिन्होंने हर इंसान के अंदर छुपे हुए असुर वाले कॉन्सेप्ट का बेहतरीन इस्तेमाल करके एक बदले की कहानी को तैयार किया हैं।

जिसमें emotions और एक्शन्स का जबरदस्त कॉकटेल देखने को मिलता हैं जिसके नशे में डूबना आपकी मजबूरी बन जाती हैं।

एक्टिंग और परफॉर्मेंस

Asuran फ़िल्म में धनुष ने जो पॉवरफुल एक्टिंग करके दिखाई हैं उसके बाद भारत के so called सुपरस्टार्स एक बार अपनी शक्ल आईने में देखने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

वक्त बर्बाद मत कीजिए, धनुष आपसे बहुत ऊपर हैं। एक ही फ़िल्म में दो अलग अलग किरदार प्ले करके दिखाते हैं ये जनाब।

कभी रुई जैसा मुलायम तो कभी आग जैसा लाल और गर्म, यकीन मानिए इतना कठिन काम इतनी आसानी से पूरा करना साबित करता हैं की धनुष आगे चलकर भारतीय सिनेमा का चेहरा बन सकतें हैं।

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दोनों हाथ जोड़कर बॉलीवुड के मोटी जेब वाले प्रोड्यूसर्स से सिर्फ एक बात बोलना चाहूँगा की Asuran का रीमेक बनाने की कोशिश मत करिएगा।

ये सिर्फ एक फ़िल्म नहीं बल्कि अलग तरह का अनुभव हैं जिसको पर्दे पर उतारना बॉलीवुड की क्षमताओं से कोसों दूर हैं।

रहीं बात फ़िल्म को देखना कहाँ हैं? तो जवाब हैं अमेज़ॉन प्राइम, जहाँ पर आपको english और हिंदी दोनों सबटाइटल्स मिल जाएंगे।

फटाफट दौड़कर किचन में जाइए और चाय के साथ साथ पकोड़े भी तैयार कर लीजिए यूट्यूब पर एक बढ़िया सी रेसिपी देखकर, आज की शाम Asuran के नाम होनी चाहिए मेरे दोस्त।

इस हफ़्ते ओर क्या देखें?

Garuda Gamana Vrishabha Vahana – दो दोस्तों की इस कहानी में आपको उस लेवल का मनोरंजन मिलेगा जो आपको केजीएफ जैसी फिल्मों में मिलता हैं।

Jai Bhim – एडवोकेट चन्द्रू की वास्तविक जिंदगी पर आधारित इस फ़िल्म को ऑस्कर के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर फीचर होने का मौका मिला, जो फ़िल्म के लेवल को भली भांति दिखाता हैं।

Madhagaja – एक मास एंटरटेनर फ़िल्म जो उस तरह के audience के लिए बनी हैं जिन्हें मास सिनेमा देखना पसन्द हैं।

इनमें से आपने कौनसी फ़िल्म देखी और कौनसी नहीं, नीचे कॉमेंट्स में अपने विचार जरूर शेयर कीजियेगा।

में मिलता हूँ आपसे किसी ओर रिव्यू में तब तक के लिए – जय हिंद।

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