Chhorii Movie Review in Hindi

रात को ठीक 3 बजे घड़ी में अचानक से अलार्म बज जाना और बेड के नीचे से किसी का जोर जोर से खटखटाना, की तभी अचानक घर की लाइट चले जाना और अंधेरे के बीच से दो हाथों का ताली बजाना, लेकिन सिर्फ हाथ बाकी शरीर गायब।

अभी इस वक्त आप जिस चीज को महसूस कर रहें हो, उसको बोलते हैं डर।

लेकिन ये सिर्फ सुना था, अभी दिल को मजबूत कर लो क्योंकि अब बारी हैं इस डर को 2 घण्टे तक महसूस करने की।

26 नवम्बर को छोरी नाम की एक मूवी अमेज़ॉन प्राइम पर रिलीज़ हो चुकी हैं।

इस फ़िल्म को देखना हर किसी के बस की बात नहीं हैं। ये वो हॉरर नहीं जो आँखों तक आके रुक जाएगा, ये वो डर हैं जो दिमाग में आके बैठ जाएगा।

फ़िल्म की लीड एक्ट्रेस हैं नुसरत भरुचा जिन्होंने इस फ़िल्म में साक्षी का कैरेक्टर प्ले किया हैं वहीं उनके पार्टनर बने हैं सौरभ गोयल हेमंत/राजबीर के रूप में।

दूसरी ओर सपोर्टिंग रोल्स में मीता वशिष्ठ हैं जो भन्नो देवी के कैरेक्टर में आपको दिखेंगी।

Chhorii Movie Review in Hindi

Chhorii Movie Story (स्टोरी)

छोरी फ़िल्म की कहानी एक पति पत्नी की हैं जो शहर से दूर एक सुनसान गाँव में आके छुप जाते हैं।

क्योंकि कुछ गुंडे उधार पर दिया हुआ अपना पैसा वसूलने को इनसे मारपीट करने की हद पार कर चुके हैं।

लेकिन जिस घर में ये रुके हैं, ये बाहर से जितना मामूली और शांत दिखता हैं, अंदर से उतना ही अजीबोगरीब शैतान टाइप का हैं।

दरअसल इस घर में पति पत्नी के अलावा कुछ बिन बुलाए मेहमान भी मौजूद हैं।

तीन छोटे बच्चे जिनकों लुका छुपी का खेल काफी पसंद हैं और लाल कपड़ो के बीच चेहरा छुपाए एक अज्ञात औरत जो कौन हैं? कहाँ से आई हैं?

इसका जवाब किसी के पास भी नहीं हैं।

कहानी में ट्विस्ट लेकर आता हैं एक छोटा सा पुराने स्टाइल वाला रेडियो, जिस पर अचानक गाना बजते ही लुका छुपी का खेल शुरू हो जाता हैं और अपनी फ़िल्म की हिरोइन ना चाहते हुए भी उसमें शामिल हो जाती हैं।

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लेकिन अब खेल के नियम बदल चुके हैं, जीत गए तो गिफ्ट में जिंदगी मिलेगी लेकिन पकड़े गए तो सज़ा सिर्फ एक – मौत।

देखो बॉस, छोरी उन स्पेशल फिल्मों में से हैं जिसका असली भूत उसकी कहानी होती हैं।

धीरे धीरे फ़िल्म आगे बढ़ेगी और भूत आपके दिमाग में घुसता चला जायेगा।

बिना टाइम बर्बाद किये सीधे पहले सीन के साथ ही एक्शन शुरू हो जाता हैं।

एक टेंशन वाली फ़ीलिंग बना दी जाती हैं जो साफ़ इशारा करती हैं कि आगे बढ़ना तो खुद अपने रिस्क पर, ये सफ़र बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।

वो गन्दी शक्लें स्क्रीन पे दिखाना, या दरवाजे की आवाज़ से डराना, वो फ़ालतू चीजे यहाँ नहीं होंगी।

इस फ़िल्म में आपकी मुलाकात होगी सिचुएशनल हॉरर से।

मतलब फ़िल्म का एक एक सीन इस तरीके से डायरेक्ट किया गया हैं की पूरे 2 घण्टे आपके दिमाग में अजीबोगरीब ख़याल आते रहेंगे।

chhorii movie explained

वो हर एक चीज, जिससे वास्तविक दुनियाँ में आपको डर लगता हैं, उन सबकी यादें ताजा होने वाली हैं मेरे दोस्त।

सबसे कमाल की बात, यहाँ भूत कोई रोमांस वाली बात या गाना बजाने नहीं आया बल्कि बदला लेने आया हैं।

बदला, जिसके साथ ही एक सोशल मैसेज भी दिया गया हैं फ़िल्म के क्लाइमेक्स में, जो फ़िल्मी दुनियाँ के साथ साथ वास्तविक दुनियाँ में भी असर छोड़ देता हैं।

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छोरी फ़िल्म की कहानी जितनी ख़तरनाक और दमदार हैं उसका पूरा क्रेडिट ओरिजनल मराठी फ़िल्म को जाता हैं।

रीमेक रीमेक खेलने के चक्कर में फ़िल्म बर्बाद इसलिए नहीं हुई क्योंकि ओरिजनल और नई वाली, दोनों फिल्मों के डायरेक्टर एक ही हैं, विशाल फुरिया।

तो बस समझ लो, वो मराठी फ़िल्म का हिंदी वर्जन नए चेहरों के साथ आपके सामने रख दिया गया हैं, बाकी चीजें बिल्कुल एक जैसी हैं।

Chhorii Movie Review: एक्टिंग और परफॉर्मेंस

फ़िल्म को डरावना बनाने में सबसे ज्यादा कॉन्ट्रिब्यूशन हैं नुसरत का, एक्ट्रेस ने कमाल की परफॉर्मेंस दी हैं।

एक हॉरर फ़िल्म में ऑडिएंस को शुरुआत से लेकर अंत तक खुद के साथ बाँध के रखना और अपनी आँखों से डर और दर्द दोनों महसूस करवाना – काम मुश्किल था लेकिन नुसरत ने बाजी मार ली।

और इनका पूरा सपोर्ट किया हैं फ़िल्म के साइड कैरेक्टर्स ने, जो इतने भयानक तरीके से लिखें गए हैं की असल जिंदगी में ये आपके सामने आ जाएं तो डर से आप आँखे बंद कर लोगे।

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लेकिन इन सब तारीफ़ों के बीच ओरिजनल फ़िल्म लपाछपी को भूलने की गलती मत कीजिएगा।

वैसे फ़िल्म का अगला सीक्वल छोरी 2 की भी घोषणा हो चुकी हैं जिसे 2023 में रिलीज़ किया जाएगा।

अब देखना ये हैं कि जिस तरह की परफॉर्मेंस और कास्टिंग हमें इस फ़िल्म में देखने को मिली क्या वो दुबारा रिपीट हो पाएगी?

Chhorii Movie Review: रेटिंग

तो यार मेरी तरफ से छोरी फ़िल्म को मिलेंगे 5 में से 4 स्टार्स।

एक स्टार फ़ालतू चीज़ों को साइड करके सीधा छोरी को भूत बनाके प्रस्तुत करने वाले ख़तरनाक आईडिया के लिए।

एक स्टार सिर्फ आँख या कान नहीं बल्कि दिमाग को चैलेंज करने वाले शातिर और चालाक डायरेक्शन के लिए।

कुछ सीन्स तो पक्का रात में सपना बनकर वापस आएंगे आपकी जिंदगी में।

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एक स्टार, नुसरत की दमदार, बिना लटके झटके वाली नेचुरल परफॉर्मेंस और साइड कैरेक्टर्स में मीता वशिष्ठ की भयानक एक्टिंग के लिए।

और आख़िरी एक स्टार क्लाइमेक्स में छोड़े गए पॉवरफुल सोशल मैसेज और उस तक पहुँचने वाले डरावने रास्ते पर चलने को मजबूर करने वाली राईटिंग के लिए।

बात करूँ नेगेटिव्ज की, तो एक स्टार कटेगा ओरिजनल फ़िल्म लपाछपी के मुकाबले थोड़ी कम डिटेल्स में जाते हुए फ़िल्म को फ़टाफ़ट बनाने के चक्कर में विश्वसनीयता और नेचुरल सिनेमा को कोम्प्रोमाईज़ करने के लिए।

हाँ लेकिन जिन्होंने मराठी फ़िल्म पहले से नहीं देखी हैं उनको इस फ़िल्म में कुछ भी गड़बड़ नहीं लगेगा।

छोरी एक परफेक्ट हॉरर फ़िल्म हैं जिसको अकेले देखने की हिम्मत बिल्कुल भी मत करिएगा, सहपरिवार देखिए और डरिए।

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