Dial 100 Movie Review in Hindi: ख़तरनाक रिवेंज ड्रामा

बदले के साथ साथ सस्पेंस, ये कॉम्बिनेशन कमाल का हैं ना दोस्त।

बदले का मिशन और उसके बैकग्राउंड में ढेर सारे ट्विस्ट्स एंड टर्न्स, सुनकर ही दिल में धक धक सी हो जाती हैं। हम जैसे सिनेमा लवर्स के लिए तो ये किसी लॉटरी से कम नहीं होगा।

कुछ वक्त पहले Mom नाम की एक फ़िल्म आई थी जो एक ख़तरनाक रिवेंज ड्रामा थी जिसमें ना तो एक्शन था और ना ही खून खराबा, पूरा खेल दिमाग का था जब एक माँ के सामने बड़े बड़े गुंडे मवाली घुटनों पर आ गए थे।

बस फिर से इसी दिमाग को center में रखकर बदले का खेल खेला गया हैं।

इस बार मैदान सीधा Zee5 का हैं और मिशन के बीचों बीच फँस गए हैं अपने फैमिली मैन यानी मनोज वाजपेयी।

Dial 100 फ़िल्म का नाम हैं जिसे 6 अगस्त 2021 को ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर रिलीज़ किया गया हैं।

क्या हैं Dial 100, क्या कहानी हैं इसकी? सब जानेंगे इस Dial 100 review में।

Dial 100 Movie Review in Hindi

Dial 100 Movie Cast (स्टार कास्ट)

  • मनोज वाजपेयी – सीनियर इंस्पेक्टर निखिल सूद
  • नीना गुप्ता – सीमा पालव
  • साक्षी तंवर – प्रेरणा सूद (निखिल की पत्नी)
  • नंदू माधव – चंद्रकांत पालव उर्फ़ चंदू (सीमा का पति)
  • अभिजीत चावन – इंस्पेक्टर घरत
  • उर्मिला महंता – गायत्री
  • विक्रम भाम – नजीब
  • मधुर अरोड़ा – सुरेश नायक
  • दीपांशु टीटोरिया – अवी
  • गिरीश दीक्षित – आशीष देशमुख
  • वीरेंद्र गिरी – संघा
  • स्वार काम्बले – ध्रुव सूद (निखिल का बेटा)
  • इवान सिल्वेस्टर रॉड्रिक्स – गौतम मेहरा
  • नीलेश ममगेन – गुलाम अहमद
  • अमन गंडोत्रा – यश मेहरा (गौतम का बेटा)

Dial 100 Movie Details (जानकारी)

  • डायरेक्टर – रेंसिल डिसिल्वा
  • राईटर – रेंसिल डिसिल्वा, निरंजन अयंगर (डॉयलोग्स)
  • स्क्रीनप्ले – रेंसिल डिसिल्वा
  • प्रोड्यूसर – सोनी पिक्चर्स, सिद्धार्थ पी मल्होत्रा, सपना मल्होत्रा
  • सिनेमेटोग्राफी – अनुज राकेश धवन
  • रिलीज़ डेट – 6 अगस्त 2021
  • ओटीटी प्लेटफॉर्म – Zee5
  • रनिंग टाइम – 104 मिनट

Dial 100 Movie Story (कहानी)

बारिश की काली रात हैं, पूरा शहर चुपचाप अगली सुबह का इंतजार कर रहा हैं की तभी अचानक पुलिस कंट्रोल रूम की घण्टी बजती हैं।

फ़ोन के दूसरी ओर एक पागल सनकी औरत की आवाज हैं जिसकी जिद हैं खुद की जान लेने की, उसकी आवाज़ में गुस्सा हैं और दर्द भी।

एक हाथ में शराब की बोतल तो दूसरे हाथ में गाड़ी का स्टीयरिंग, कुछ बुरा जरूर होगा।

फ़ोन के इस तरफ़ हैं पुलिस इंस्पेक्टर सूद जिनकी जिम्मेदारी उस औरत को रोकने की हैं लेकिन वो कहावत तो सुनी होगी ना आपने की उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।

बस कुछ वैसा ही फ़ोन पर वो औरत पुलिस को अपनी बातों में उलझा रहीं हैं जहाँ शब्दों का ऐसा भूलभुलैया तैयार होता हैं जिसका नतीजा ये निकलता हैं कि उस औरत को खुद की नहीं बल्कि उन लोगों की जान लेनी चाहिए जिनकी वजह से वो आत्महत्या करना चाहती हैं।

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तभी अचानक सूद सर के फ़ोन की घण्टी बजती हैं, कैमरा चालू और सामने दिखाई देता हैं खून में लिपटा उनका पालतू कुत्ता रॉकी और उनकी पत्नी प्रेरणा घर से गायब हो चुकी हैं या फिर किडनैप, कुछ भी हो सकता हैं दोस्त।

देखों यहाँ से Dial 100 फ़िल्म को किसी भी शक्ल में ढाल सकतें हो आप। कई रास्ते हैं बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं आपके पास, स्पेशली जो हीरो विलेन के बीच सीधी मुलाकात ना करवाकर ये फोन को तार बनाकर जोड़ा गया हैं, इसमें हम audience का दिमाग चारों तरफ घूम जाता हैं।

फ़िल्म Dial 100 का पहला हाफ़ काफ़ी तेज स्पीड से भागता हैं, बातों के जाल में एक तरफ जहाँ पुलिस उलझती हैं तो दूसरी तरह हम लोग।

फिर धीरे धीरे समझ आता हैं कि ये खेल जिंदगी और मौत का नहीं बल्कि बदले का हैं।

Dial 100 के दूसरे हाफ़ में फोकस फोन से हटकर कहानी पर आ जाता हैं और बस यहीं से शुरुआत होती हैं असली गड़बड़ की।

एक तो इतनी ज्यादा उम्मीद लगा दी थी कि फ़िल्म का क्लाइमेक्स अगर 100 में से 99 भी रह जाए तो दिल से बुरा लगेगा गुरु, सोचा तो ये था कि अगर फोन से ही इतनी आग लग रहीं हैं तो जब सीधा आमने सामने मुलाकात की जाएगी तो फ़िल्म का लेवल एकदम टॉप होगा।

लेकिन बदकिस्मती से ऐसा कुछ खास देखने को मिला नहीं Dial 100 में।

हाँ दिमाग को अगर साइड में रखकर इमोशन्स के एंगल से देखोगे तो फ़िल्म का क्लाइमेक्स आपके दिल को जरूर छू जाएगा।

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आप इस सवाल का जवाब बहुत सारे नजरिये से देख सकतें हो, सोचों जिस इंसान पर आपको किसी चीज के लिए दया आती हो कल आप खुद उसका शिकार बन जाओ और वो इंसान उससे मुक्त हो जाये, एकदम ही उल्टा और यहाँ फ़िल्म का क्लाइमेक्स पब्लिक के दिल से खेल जाता हैं।

तारीफ़ इसलिए भी की जानी चाहिए फ़िल्म की क्योंकि Dial 100 कोई मेगा बजट फ़िल्म नहीं बल्कि मामूली सी कहानी हैं जिसको सिर्फ एक छोटे से कमरे में बैठकर हम audience तक पहुँचाया गया हैं।

बॉलीवुड की एक नई सोच हैं जिसमें फोकस किसी महंगे चमकीले सेट पर नहीं बल्कि कॉन्टेन्ट और कहानी पर डाला गया हैं।

अच्छी फिल्म बनाने के लिए जेब भरी हुई नहीं चाहिए बल्कि दिमाग में चालाकी चाहिए, इस सोच के लिए Dial 100 को आप जरूर देखना दोस्त।

Dial 100 Review: एक्टिंग और परफॉर्मेंस

मनोज वाजपेयी एक एक्टर के तौर पर क्या क्या कारनामें कर सकतें हैं?

ये हम सब जानते हैं।

फैमिली मैन की रग रग से वाकिफ़ हैं हम लोग, हीरोपंती इनके खून में हैं जनाब।

लेकिन इस बार इनका सामना हुआ हैं नीना गुप्ता से जिनसे क्या उम्मीद की जानी चाहिए इसका मुझे भी कोई आईडिया नहीं हैं भाई।

बस ये जो surprise वाली feeling हैं यहीं Dial 100 फ़िल्म का एक्स फ़ेक्टर बन जाती हैं।

नीना गुप्ता एक नेगेटिव कैरेक्टर में वाकई आपको चोंकाने वाली हैं कहानी में काफ़ी वक्त के बाद एक ऐसा विलेन मौजूद हैं जिसकी सिर्फ आवाज सुनकर ही डर लगने लग जाए और जब शक्ल सामने आती हैं तो डर का लेवल दुगुना हो जाता हैं बॉस।

Dial 100 Review: रेटिंग

मेरी तरफ से Dial 100 फ़िल्म को 5 में से 2.5 स्टार्स।

एक स्टार सीधा फेसओफ़ ना करवाकर ये फोन पर ही दो आवाजों के बीच में में कौन तू कौन टाइप वाले नेरेशन स्टाइल के लिए।

एक स्टार मनोज वाजपेयी और नीना गुप्ता की पॉवरफुल natural एक्टिंग के लिए, एकदम real टैलेंट कोई फालतू ड्रामा नहीं।

और आधा स्टार बिना किसी असमंजस के पूरा फोकस कहानी पर डालते हुए बॉलीवुड की ट्रैडिशनल फ़िल्म मेकिंग स्टाइल “पैसा हैं तो सुपरहिट हैं” वाली सोच को चैलेंज करने के लिए।

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बात करूँ नेगेटिव्ज की तो एक स्टार कटेगा फ़िल्म के क्लाइमेक्स में हीरो वर्सेज़ विलेन वाले एंगल को उम्मीद से ज्यादा छोटा एकदम मामूली बनाकर प्रस्तुत करने के लिए।

एक स्टार कहानी में डाले गए कैरेक्टर्स को पूरा का पूरा जैसा सोचा ठीक वैसा ही बाहर निकलने के लिए वो भी बिना किसी ट्विस्ट के, किसी को तो रंग बदलना चाहिए था।

शक की सूई इधर उधर भागती तभी तो मजा आता ना बॉस।

और आधा स्टार अतीत वाले एंगल को सही ढंग से इस्तेमाल ना करने के लिए जिसकी वजह से हम उससे कनेक्ट नहीं कर पाते।

Dial 100 Review: FAQ

Dial 100 फ़िल्म कब और कहाँ रिलीज़ हुई थी?

इस फ़िल्म को 6 अगस्त 2021 को ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 पर प्रीमियर किया गया था।

क्या Dial 100 देखने लायक फ़िल्म हैं?

यह एक रिवेंज ड्रामा हैं जिसमें कोई खून खराबा या एक्शन नहीं हैं बल्कि दिमाग का खेल हैं तो अगर आपको सस्पेंस थ्रिलर फिल्म्स पसन्द हैं तो Dial 100 आपके लिए देखने लायक हैं।

क्या इसे हम अपने परिवार के साथ देख सकतें हैं?

फ़िल्म Dial 100 में हमें कुछ न्यूडिटी और सेक्सुअल कॉन्टेन्ट देखने को मिलता हैं जिस वजह से इसे आप अपने परिवार के साथ देखने में परहेज करें।

Dial 100 फ़िल्म हिट हैं या फ्लॉप?

इस फ़िल्म को बनाने में करीब 15 से 20 करोड़ रुपये लगे हैं हालांकि फ़िल्म मेकर्स ने इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को reveal नहीं किया हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक फ़िल्म 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी हैं और लोगों ने भी इसे काफ़ी पसन्द किया हैं।

फ़िल्म Dial 100 की क्या कहानी हैं?

एक पुलिस ऑफिसर के पास एक कॉल आता हैं जिसमें सामने एक औरत होती हैं जो मरने की बात करती हैं, ऑफ़िसर की जिम्मेदारी उसे बचाने की होती हैं और फ़िल्म इसी कहानी के इर्दगिर्द घूमती हैं।

क्या Dial 100 रीमेक हैं?

Dial 100 को डेनिश फ़िल्म The Guilty से inspired होकर बनाया गया हैं तो इसे इस फ़िल्म का रीमेक बोलना गलत होगा ये सिर्फ एक inspired story हैं।

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