फ़ास्ट एंड फ्यूरियस 9 रिव्यू । Fast And Furious 9 Movie Review in Hindi

जब कोई फ़िल्म सीरीज़ में आगे बढ़ती हैं तो हर नए भाग के साथ उससे उम्मीदें भी बड़ी हो जाती हैं।

Fast and Furious, ये वो फ़िल्म हैं जिसनें वास्तव में हमारा हॉलीवुड से introduction करवाया था।

रोड पर आग की तरह भागती महंगी और लक्ज़री कारें, बैकग्राउंड में बजता DJ Snack का EDM track और विन डीज़ल टाइप के हट्टे कट्टे लोग जो एक दूसरे की जान के पीछे पड़े हुए हैं।

देखो चोरी वगैरह तक तो ठीक था और मजा भी बहुत आता था लेकिन अब Fast and Furious वाले खुद को सुपरहीरो वाली कैटेगरी में ले जाना चाहते हैं, एवेंजर्स, बेटमैन बस वहीं।

इस सीरीज़ का ये नवां भाग इंसान से सुपरहीरो वाली प्रोसेस को पूरा करने के लिए पूरे तरीके से dedicated हैं।

लेकिन किसी ज्ञानी इंसान ने बड़ी सच्ची बात बोली थी की दिमाग का झोपड़ा हो गया हैं सर जी।

अब क्यों हुआ कैसे हुआ? चलिये जानते हैं Fast and Furious 9 review में।

Fast and Furious 9 Review in Hindi

Fast and Furious 9 Cast (स्टार कास्ट)

फ़िल्म के लीड कैरेक्टर हैं डोमिनिक टोरेटो उर्फ़ डॉम जिसे प्ले कर रहें हैं विन डीजल।

लेट्टी ओरटीज़, जो डॉम की पत्नी भी हैं, इस कैरेक्टर को प्ले कर रहीं हैं मिशेल रोड्रिग्ज़, ये फ़ॉर्मर क्रिमिनल और प्रोफेशनल स्ट्रीट रेसर रह चुकी हैं।

रोमन पेयर्स के कैरेक्टर को प्ले कर रहें हैं टायरिस गिब्सन जबकि तेज पार्कर के किरदार को निभाया हैं क्रिस “लुडाक्रिस” ब्रिजेस ने।

फ़िल्म में विलेन का किरदार हैं जैकब टोरेटो का जिसे निभाया हैं जॉन सीना ने, ये डॉम के भाई हैं।

मिया टोरेटो, डॉम और जैकब की बहन जिसका कैरेक्टर प्ले कर रहीं हैं जॉर्डना ब्रूस्टर।

हान लुई, जिनका इस फ़िल्म में come back किया गया हैं, इस कैरेक्टर को प्ले किया हैं सुंग कांग ने जबकि रेमजी के किरदार को प्ले किया हैं नथाली इमैनुएल ने।

Fast and Furious 9 Story (कहानी)

फ़िल्म की story वहीं पुरानी हैं। एक कीमती चीज़ जिस पर पूरी दुनियाँ की किस्मत निर्भर करती हैं, वो चली गयी हैं गलत हाथों में।

तो इसी नए मिशन के लिए अपनी वहीं पुरानी टीम फिर से जुड़ी हैं।

लेकिन एक basic सा नियम हैं कि परिवार का महत्व सबसे बड़ा हैं, वो थोड़ा अपग्रेड हो गया हैं क्योंकि इस बार परिवार दो भागों में बंट गया हैं – अच्छा परिवार और बुरा परिवार।

अपने डॉम भईया के छोटे भाई वापस आ गए हैं अतीत से और यहाँ बन गए हैं इनकी जिंदगी के विलेन नम्बर एक।

तो अब लड़ाई दो type की हैं – एक तो प्रोफेशनल जो दुनियाँ को बचाने वाली और दूसरी पर्सनल, भाई की भाई से जंग, जिसका कारण हैं परिवार का इतिहास और साथ में हीरो वर्सेज़ विलेन का एंगल जिस पर फ़िल्म की किस्मत टिकी हुई हैं।

देखों फ़िल्म बनाने में और बेचने में काफ़ी लम्बा चौड़ा फ़र्क होता हैं।

शुरुआत की बात करें तो Fast and Furious के हर भाग में नई और अलग तरह की creativity और दिमाग को हिला कर रख देने वाले स्टंट्स देखने को मिलते थे।

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लेकिन इस बार बिल्कुल भी नया कॉन्टेन्ट नहीं हैं और स्टंट्स की तो बात ही मत करो।

पूरा का पूरा नासा शरमा गया हैं इस फ़िल्म को देखने के बाद।

Best चीज़ पता हैं क्या होती? पॉल वॉकर के ट्रिब्यूट के बाद सीरीज़ को अच्छी यादों के साथ ख़त्म कर देना चाहिए था लेकिन इन लोगों को तो चांद पर जाना हैं, हवा में गाड़ी उड़ानी हैं और साथ में लोगों को बेवकूफ भी तो बनाना हैं।

और इन सबके पीछे लॉजिक simple सा हैं पैसा बनाना हैं मोटा पैसा, creativity और common sense दोनों गए भाड़ में।

नहीं, गलत मत समझो, इस बार भी super cars हैं, ख़तरनाक लोकेशन हैं और आँखों पर भरोसा ना हो, ऐसे खतरनाक वाले स्टंट्स भी हैं।

लेकिन इन सबको आपस में जोड़ने वाला एक strong build-up, वो गायब हो गया हैं।

कोई कुछ भी किये जा रहा हैं, सब अपने अपने scene में व्यस्त हैं, फ़िल्म आगे बढ़ रहीं हैं और वक्त बीतता जा रहा हैं।

बेचारी audience, उसको घण्टा कुछ समझ ही नहीं आ रहा। Fast and Furious का स्क्रीनप्ले बहुत ही ज्यादा कमजोर हैं, बिखरा हुआ।

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ऊपर से जैसे मैंने बोला, उम्मीदें बहुत ही ज्यादा थी तो उनको match करने के लिए जबरदस्ती मजाकिया one liners घुसाए जाते हैं, natural comedy एकदम गायब सी हो गयी हैं इस फ़िल्म में।

अब फ़िल्म के टाइटल में Fast and Furious, दोनों हैं तो cars को center में डालना अच्छी बात हैं लेकिन उसको स्पाइडर मैन का अवतार क्यों देना चाहते हो?

सच में, स्पाइडर के जाल की तरह ये cars रोडस पर चलते हुए किसी भी ऑब्जेक्ट से चिपक जाती हैं, मतलब पानी सिर से ऊपर चला गया हैं इस बार तो।

बीच में एक छोटा सा pro tip ये की car रेसिंग पर आधारित कोई complete फ़िल्म देखना चाहते हो जो लगभग हकीकत की तरह हो तो फ़ोर्ड वर्सेज़ फ़रारी देखों, स्टोरी, कास्टिंग, excitement, experience सब कुछ हैं इस फ़िल्म में।

विलेन किसको बनाया गया Fast and Furious 9 में? जॉन सीना को।

नहीं में मानता हूँ कि जॉन रिंग में खतरनाक लगता हैं लेकिन सीधी simple बात ये की एक्टिंग इन जनाब के सिलेबस से दूर हैं भईया।

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जब सामने वो स्ट्रॉन्ग कैरेक्टर्स हैं जो पहले भाग से ही फ़िल्म को लीड कर रहें हैं तो उनके opposite कोई जबरदस्त एक्टिंग skills वाला बन्दा चाहिए जैसे जेसन स्टेथम, इदरीस एल्बा, साईफर।

वो नेगेटिव कैरेक्टर वाली आग जॉन सीना के कैरेक्टर से missing लगी मुझे।

और वैसे भी वो फ़िल्म किसी काम की नहीं होती जिसमें हीरो के opposite कमजोर विलेन होता हैं।

चलो एक बार इन सब को नजरअंदाज कर भी दिया जाए तो सबसे जरूरी चीज़ हैं कहानी, वो तो भईया जी पूरी तरह से predictable हैं।

मतलब ये Fast and Furious सीरीज़ की पहली ऐसी फ़िल्म हैं जिसमें कोई भी shocking ट्विस्ट्स एंड टर्न्स हैं ही नहीं।

हीरो को जीतना हैं तो हीरो जीतेगा simple, फिर सामने चाहें WWE चैम्पियन जॉन सीना हो या फिर फ़िजिक्स की आत्मा, विन डीजल सबको मारेंगे तड़पा तड़पा कर।

और सबसे जरूरी बात जिसके लिए ट्रैलर के रिलीज़ होने के बाद से ही हम सब super excited थे – हान का वापस आना।

उसको पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया हैं दोस्त, हान के साथ emotions जुड़े हुए थे लेकिन जिस तरह से उनका come back हुआ हैं, आपको कुछ महसूस ही नहीं होगा।

ये सिर्फ ऐसा लगेगा कि कहानी को इस बन्दे की जरूरत थी तो वो वापस आ गया, वो परिवार वाला मंत्र यहाँ फैल हो गया बॉस।

अभी अच्छी बात बस एक हैं की फ़िल्म ख़त्म होने के बाद कुछ post credit scenes हैं जिसमें कुछ मजेदार होने वाला हैं।

रेटिंग

तो यार मेरी तरफ़ से Fast and Furious 9 को 5 में से 1.5 स्टार्स।

एक स्टार तो वहीं तोड़ फोड़ धाँसू एक्शन scenes के लिए जो हॉलीवुड एक्शन लवर्स को काफ़ी पसन्द आएगा।

आधा स्टार रोमन और तेज दोनों की मजाकिया बातचीत कहीं कहीं पर थोड़ा सा हँसा देंगी आपको, उसके लिए।

बात करूँ नेगेटिव्ज की तो एक स्टार कटेगा बहुत ही ज्यादा उलझे स्क्रीनप्ले के लिए और जॉन सीना विलेन के रूप में बिल्कुल भी नहीं जच पाए, तो जिस भी बन्दे के दिमाग में ये आईडिया आया, उसकी वजह से एक स्टार ओर कटेगा।

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तीसरा स्टार कटेगा वास्तव में Fast and Furious 9 का एक्स फ़ेक्टर cars, उनको मात्र एक प्रतिशत इस्तेमाल करने के लिए।

और last आधा स्टार, फ़िल्म बनाने की जगह फ़िल्म बेचने पर फोकस को शिफ़्ट करने के लिए, जिसकी वजह से नया कुछ नहीं हैं, creativity एकदम जीरो, पब्लिक को उल्लू मत बनाइये जनाब।

तो यार अब Fast and Furious 9 को देखना ना देखना आपकी मर्जी, नीचे कॉमेंट्स में अपने विचार जरूर शेयर करना।

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