Garuda Gamana Vrishabha Vahana Review in Hindi

केजीएफ एक brand हैं जिसे आज किसी परिचय की जरूरत नहीं, एक अलग तरह का सिनेमा जो हक़ीक़त को भूलने को मजबूर कर देता हैं और एक नकली दुनियाँ को हक़ीक़त में बदल देता हैं।

और अब अच्छी ख़बर ये हैं कि उसी कन्नड़ इंडस्ट्री से एक ओर धमाका हुआ हैं जिसनें इंडियन सिनेमा में क्राइम थ्रिलर बनाने और देखने, दोनों का तरीका हमेशा हमेशा के लिए बदल दिया हैं।

गरुडा गमना वृषभा वहना – ये वो फ़िल्म हैं जिसका इंतज़ार हर उस सिनेमा लवर को कई सालों से हैं जो हॉलीवुड के क्राइम ड्रामा को देखकर थक चुका हैं और अब अपने भारत में quality सिनेमा देखना चाहता हैं।

एक होती हैं mass फ़िल्म जिसमें दिमाग नहीं दिल से काम लिया जाता हैं फिर आती हैं क्लास फ़िल्म जिसमें दिल को छुट्टी पर भेजकर दिमाग को काम पर लगाया जाता हैं।

लेकिन उसके बाद आती हैं मास्टरपीस जिसमें mass और क्लास दोनों का ध्यान रखा जाता हैं।

पहले तो इस फ़िल्म के टाइटल का मतलब समझ लो आप, जिसका सीधा कनेक्शन mythology से हैं।

शुरू वाले दो शब्द (गरुडा गमना) इस्तेमाल किये जाते हैं विष्णु जी के लिए, जिनको ब्रम्हाण्ड का संरक्षक कहा जाता हैं, ये अच्छे और बुरे दोनों के बीच बैलेंस बनाकर रखते हैं।

बाद वाले दोनों शब्द (वृषभा वहना) संकेत हैं शिवा के, जिनका गुस्सा इतना खतरनाक हैं जो पूरी दुनियाँ को ख़त्म कर सकता हैं इसीलिए इनको destroyer भी कहा जाता हैं।

चलो, अब थोड़ा फ़िल्म की कहानी और स्टार कास्ट के बारे में भी जान लेते हैं।

Garuda Gamana Vrishabha Vahana Review in Hindi

Garuda Gamana Vrishabha Vahana Cast (स्टार कास्ट)

19 नवम्बर 2021 को रिलीज़ हुई Garuda Gamana Vrishabha Vahana के दो सबसे मुख्य किरदार हैं हरी और शिवा, जहाँ हरी का किरदार निभा रहें हैं ऋषभ शेट्टी

जबकि शिवा का किरदार निभाया हैं एक्टर डायरेक्टर और स्क्रीनराईटर राज बी. शेट्टी ने, ये इस फ़िल्म के डायरेक्टर और राईटर भी हैं।

चिंतन ने हरी के बचपन का रोल प्ले किया हैं वहीं शिवा के बचपन का किरदार निभा रहें हैं हर्षदीप

इस फ़िल्म में गोपाल कृष्ण देशपांडे जहाँ ब्रम्हाया के किरदार में दिखाई देंगे वहीं रवीराज के किरदार में हैं ज्योतिष शेट्टी

Garuda Gamana Vrishabha Vahana Story (कहानी)

Garuda Gamana Vrishabha Vahana फ़िल्म की कहानी एक क्रिमिनल गैंग के इर्दगिर्द घूमती हैं जिसकी शुरूआत हुई थी दो लोगों से हरी और शिवा।

दोनों बचपन के दोस्त हैं और अब बैंगलौर शहर पर राज करते हैं।

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क्राइम को रोकना किसका काम हैं? पुलिस का, लेकिन यहाँ इस शहर में पुलिस की इज्जत हैं डबल जीरो।

पुलिस यहाँ दूसरों की नहीं बल्कि खुद की जान बचाती हैं हरी और शिवा की गैंग से।

इनमें से जो हरी हैं उसकी कहानी काफ़ी साधारण हैं। छोटे शहर में बड़े सपने देखने वाला मामूली सा लड़का, जो crime की दुनियाँ में घुसता हैं और धीरे धीरे the most wanted criminal बन जाता हैं।

लेकिन जो दूसरा वाला हैं शिवा, ये एक भूत की तरह हैं। कहाँ से आया कब आया? कोई नहीं जानता।

बस एक कुएं में इसकी लाश मिली थी बचपन में, लेकिन जैसे ही इसको बाहर निकाला, वैसे ही उसकी लाश में जान आ गयी।

बस यूँ समझ लो जैसे भगवान भी शायद इसको अपने पास बुलाने से डर रहें थे और मौत के बाद भी इसको जिंदा छोड़ना उनकी मजबूरी बन गयी।

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शिवा की एक खास बात ओर हैं, ये जिस भी इंसान का शिकार करता हैं उसकी जान लेने के बाद बड़े मजे से उसके पैरों में पहने हुए जूते चप्पल को खुद पहनकर घर वापस आ जाता हैं।

ये उसके लिए किसी प्रतियोगिता में जीती गयी ट्रॉफी की तरह हैं।

अब mythology में जो त्रिदेव हैं ब्रम्हा, विष्णु, महेश उनमें से दो तो यहाँ मिल गए लेकिन तीसरे यानी ब्रम्हा, उनकी entry होती हैं थोड़ी सी लेट, लेकिन पूरे शहर की तस्वीर बदल देता हैं ये बन्दा।

ये हैं इस शहर के नए इंस्पेक्टर साहब जो इस एरिया में आने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थे लेकिन पोलिटिकल मजबूरी के आगे इनको झुकना पड़ा और अब हरी शिवा गैंग से पंगा लेना, इनके लिए “जियो या मरो” वाला मामला बन चुका हैं।

अगर वो दोनों बच गए तो ये भाईसाहब मरेंगे और साथ में इनका परिवार buy one get one free वाली स्कीम की तरह मरेगा।

अब इन साहब को अगर जीना हैं तो हरी और शिवा को बैंगलौर के इतिहास से मिटाना पड़ेगा, वो भी तब जब शहर की पुलिस इनके नाम से थर थर कांपती हैं।

अब आप बताओ, आज तक ब्रम्हा, विष्णु, महेश के बहुत सारे किस्से सुने होंगे आपने, एक दुनियाँ को बनाता हैं, एक बचाता हैं तो तीसरा वक़्त आने पर नामों निशान मिटा देता हैं।

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लेकिन ये तीनों अगर आपस में ही टकरा जाएं तो फिर अंत में जीत आखिर होगी किसकी और हारेगा कौन?

क्या ये सवाल आपके दिमाग में आया कभी? नहीं ना, मैंने ऊपर बताया था की ये फ़िल्म mass और क्लास दोनों का combination हैं और यहीं चीज इस फ़िल्म की खासियत हैं।

ये फ़िल्म कोई साधारण मार धाड़ वाला क्राइम ड्रामा नहीं हैं। यहाँ आपको ढेर सारा दिमाग लगाना पड़ेगा।

सच बोलूं तो इस फ़िल्म का जिस लेवल की राईटिंग और डायरेक्शन हैं, अगर सिर्फ कन्नड़ audience नहीं बल्कि पेन इंडिया फ़िल्म की तरह इसको रिलीज़ किया जाता तो बॉस केजीएफ का रिकॉर्ड ख़तरे में आ जाता।

एक्टिंग और परफॉर्मेंस

इस फ़िल्म को देखने के दौरान पूरे ढाई घण्टे ऐसा लगेगा जैसे आप कोई live सीसीटीवी फ़ुटेज देख रहें हो क्रिमिनल्स का।

इतनी जबरदस्त नेचुरल एक्टिंग, जो नकली कहानी को भी असली बना दे।

स्पेशली इसमें जो celebration performance हैं शिवा का, जब वो अपने शिकार को जान से मार डालता हैं, ये सच में भगवान शिवा के तांडव की कहानियों की याद दिला देता हैं।

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रौंगटे खड़े नहीं हुए तो जरूर आपका शरीर पत्थर से बना हैं मेरे दोस्त।

अब फालतू में अपना वक़्त बर्बाद किए बिना सीधा मुद्दे की बात करते हैं।

Garuda Gamana Vrishabha Vahana फ़िल्म को कहाँ देख सकतें हैं? जवाब हैं Zee5 ओटीटी प्लेटफॉर्म, जहाँ आपको इस फ़िल्म के अंग्रेजी सबटाइटल्स भी आसानी से मिल जाएंगे।

अब मेरा सुझाव होगा आपको की इसकी हिंदी डबिंग का इंतजार मत करना क्योंकि वो नहीं आने वाली।

100 प्रतिशत इसका रीमेक बनाया जाएगा बॉलीवुड के किसी स्टार किड को लेकर इसीलिए भूल जाओ इसका हिंदी डब और इसे ओरिजिनली देख लो, फ़टाफ़ट।

बाकी में मिलूंगा आपसे किसी ओर रिव्यू में तब तक के लिए – जय हिंद।

इस हफ़्ते ओर क्या देखें?

Hum Do Hamare Do – यह एक कॉमेडी फ़िल्म हैं जिसका कॉन्सेप्ट एकदम नया हैं, इस हफ़्ते के लिए यह भी एक बेहतरीन विकल्प हैं।

Jai Bhim – एक ओर मास्टरपीस जो एक सच्ची घटना पर आधारित हैं। एडवोकेट चन्द्रू के ऊपर बनी ये फ़िल्म आपको अंदर से झकझोर कर रख देगी।

Madhagaja – एक मास एंटरटेनर फ़िल्म जिसे आप इस हफ़्ते की अपनी watchlist में शामिल कर सकतें हैं।

Bob Biswas – अभिषेक बच्चन की अब तक कि सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक इस फ़िल्म को भी एक बार देखना बनता हैं।

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