Kota Factory Season 2 Web Series Review in Hindi

अक्सर किसी शो के लिए हमारे पास 2 शब्द होते हैं, अच्छा या बुरा।

लेकिन फिर आती हैं एक तीसरी कैटेगरी वो जिसके लिए ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में लिखा हुआ सब कुछ कम पड़ जाता हैं।

ये कब होता हैं? जब स्क्रीन पर दिखाई गई चीज़े हमें खुद की याद दिलाये।

Kota Factory Season 2, एक ऐसी वेब सीरीज़ जिसमें एंटरटेनमेंट हैं या नहीं इसका जवाब अलग अलग हो सकता हैं वो लोगों पर निर्भर करेगा लेकिन सच शत प्रतिशत मिलेगा।

Kota Factory Season 2 का रिव्यू सिर्फ एक लाइन में, शो बिल्कुल आसान हैं दिमाग लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी लेकिन इमोशन्स वाला मीटर बस भागता ही रहेगा।

Kota Factory Season 2 Web Series Review in Hindi

Kota Factory Season 2 Cast (स्टार कास्ट)

जितेंद्र कुमार – जीतू भईया
मयूर मोरे – वैभव पांडे
रंजन राज – बालमुकुंद मीणा
आलम खान – उदय गुप्ता
एहसास चन्ना – शिवांगी राणावत
रेवती पिल्लई – वर्तिका रतावली
उर्वी सिंह – मीनल पारेख

Kota Factory Season 2 Details (जानकारी)

क्रिएटर – सौरभ खन्ना, अरुणभ कुमार
डायरेक्टर – राघव सुब्बू
म्यूजिक – कार्तिक राव, सिमरन होरा
सिनेमेटोग्राफी – जेरिन पॉल
रनिंग टाइम – 30-45 मिनट (एक एपिसोड)
रिलीज़ डेट – 24 सितंबर 2021
IMDB रेटिंग – 9.2

Kota Factory Season 2 Story (कहानी)

शो की कहानी वहीं से शुरू हुई हैं जहाँ पिछले सीजन में रुक गयी थी।

कोटा की गलियाँ जहाँ हज़ारों फाइटर्स अपनी अपनी लड़ाई में लगे हुए हैं। दुश्मन सबके अलग हैं लेकिन जीत का ईनाम सिर्फ एक आईआईटी।

देखों दोस्त, पिछले सीजन में फोकस था कोटा पर लेकिन इस बार फैक्टरी हैं फोकस में। पूरा प्रोसेस डिटेलिंग में समझाया जाता हैं की कैसे एक आईआईटी का सपना बिजनेस बन गया हैं?

अपने प्यारे सबके दुलारे जीतू भईया जिन्हें हमनें पिछले सीजन में सपोर्टिंग कैरेक्टर प्ले करते हुए देखा था लेकिन इस बार Kota Factory की ड्राइविंग सीट पर बैठ गए हैं ये जनाब।

कोटा में स्टूडेंट्स के चैलेंजेस के बारे में सब बातें करते हैं लेकिन टीचर्स हमेशा नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

उनकी भी एक अलग रेस हैं, एक अलग ही लेवल का कॉम्पिटिशन जिसको इस बार हाईलाइट करने का जिम्मा उठाया हैं जीतू भईया ने।

साधारण तौर पर Kota Factory Season 2 तीन F के आसपास घूम रहा हैं।

पहला F हैं fear यानी डर जो सबको लगता हैं फिर चाहें वो स्टूडेंट्स हो या टीचर्स दोनों इसके शिकार हैं।

दूसरा F हैं friends यानी दोस्त जो कोटा में आसमान से गिरते वक्त पैराशूट की तरह हैं life saving, पूरा का पूरा प्लेन क्रेश हो जाये लेकिन ये साथ कभी नहीं छोड़ते।

और लास्ट वाला F हैं family यानी परिवार, शो में एक डायलॉग हैं कि आईआईटी की परीक्षा सिर्फ एक बच्चा नहीं बल्कि उसका पूरा परिवार भी देता हैं।

इसको पढ़कर आपने जो महसूस किया वो परत दर परत Kota Factory season 2 में देखने को मिलेगा।

सीधा सवाल आख़िर ये शो हैं कैसा?

इसका सीधा जवाब हैं पिछले सीज़न से दो कदम आगे।

इसका कारण ये हैं की इस बार Kota Factory के मेकर्स के पास एक जबरदस्त advantage हैं, वास्तव में वो जानते हैं कि audience शो के किस कैरेक्टर से क्या उम्मीदें लगाकर बैठी हैं?

जबकि पिछले सीज़न में सब कुछ नया था जिससे खतरा उठाना पड़ा था।

लेकिन इस बार तो लोग जो भी देखना चाहते हैं बस वहीं ओर ज्यादा दिखाया गया हैं।

इससे होता ये हैं कि आप खुश हो जाते हो दिमाग बन्द और दिल चालू जो फैक्ट हैं कि इंसान को अगर वो मिल जाये जो उसे चाहिए तो वो खुश जरूर होगा।

अब एक अहम सवाल ये Kota Factory season 2 इसके पिछले सीज़न से क्या अलग प्रस्तुत करता हैं?

अब इस सवाल का जवाब में दो कारण में देना चाहूँगा।

पहला कारण हैं बाल मुकुंद मीणा, असमंजस में पड़ गए होंगे कि ये बन्दा तो शो के लीड में भी नहीं हैं फिर शो का एक्स फ़ेक्टर कैसे बन गया?

इसका कारण हैं की ये कैरेक्टर शो में मुझे और आपको represent कर रहा हैं, इसे स्क्रीन पर देखना मानों हम काँच में खुद को देख रहें हो।

इस कैरेक्टर के द्वारा शो में उन टॉपिक्स को छेड़ा जाता हैं जिनको हम सबने अनुभव किया हैं लेकिन शायद आज तक किसी को बताने की हिम्मत ही नहीं हो पाई।

यहाँ तक कि sexual maturity जैसा डार्क सीक्रेट जो सोसाइटी में परदों के पीछे बन्द रहता हैं उसको भी काफ़ी समझदार तरीके से explain कर दिया गया हैं इस कैरेक्टर के माध्यम से।

अजीब भी नहीं लगेगा और प्रॉब्लम का सॉल्यूशन भी निकल जायेगा।

दूसरा कारण हैं शिवांगी, एक डायलॉग आपने जरूर सुना होगा “जिंदगी लम्बी नहीं बड़ी होनी चाहिए” ठीक ऐसा ही काम किया हैं इन्होंने।

इनके कैरेक्टर का स्क्रीन टाइम लम्बा भले ही ना हो लेकिन इस किरदार की अहमियत शो में सबसे ज्यादा हैं।

Kota Factory season 2 का जो डार्क थीम हैं अगर उससे अलग कोई एक इंसान चल रहा हैं तो वो ये बंदी हैं।

हकीकत में ये लड़की कौनसे scene में किस तरह का react कर दे? आप अनुमान भी नहीं लगा सकतें।

इससे आपको वो surprise फ़ेक्टर, straight and forward टाइप का एटीट्यूड महसूस होगा जिससे आपको गजब की एनर्जी मिलेगी।

ये सब तो बात हो गयी उसकी जो स्क्रीन के सामने हैं और हम उसकी तारीफ में लगे पड़े हैं लेकिन Kota Factory season 2 के real hero मास्क के पीछे हैं।

शो के राईटर्स जिन्होंने Kota Factory को एक कभी ना भूलने वाला अनुभव बना दिया हैं।

बातचीत को हर पॉइंट पर इस तरह से लिखा गया हैं जैसे मानों कोई फ़िल्म या शो नहीं हकीकत में कोटा में आमने सामने हो।

ये जो TVF हैं ना ये बॉलीवुड की तरह popularity और पैसे वाली लीग में भाग ही नहीं रहा हैं, इसका सफ़लता का मंत्र एकदम simple हैं – इमोशन्स।

पब्लिक को एक ऐसा शो देना जो जिंदगीभर याद रहें, 10 साल बाद भी कोई Kota Factory का नाम ले तो आप अपना अनुभव बांटे बिना ना रह पाओ, ये हैं TVF का simple का गोल।

उदाहरण के तौर पर जीतू भईया और उनके स्टूडेंट्स के बीच में जो relationship हैं उसके माध्यम से शो के मेकर्स आपको time travel करवाएंगे और ले जाएंगे वापस खुद के स्कूल के दिनों में।

हमारे टीचर्स के साथ अच्छा या बुरा हम सबका अनुभव हैं जो पूरे टाइम इस शो को देखते हुए आंखों के सामने flashback की तरह घूमता ही रहेगा।

ये हैं TVF का जादू जो उन्होंने Cubicles में भी दिखाया था।

अब बात कर लेते हैं casting और परफॉर्मेंस की।

Kota Factory Season 2 Review: एक्टिंग और परफॉर्मेंस

देखो दोस्त, TVF जहाँ लिखा होता हैं वहाँ किस एक्टर को किस कैरेक्टर में डालना हैं इस प्रोसेस पर सवाल उठाना किसी पाप को करने जैसा हैं।

Kota Factory में किरदारों को देखकर लगता हैं मानों इनको सामने बिठाकर इनके हिसाब से ही कैरेक्टर्स लिखे गए हैं।

पांडे जी से लेकर जीतू भईया, किसी ओर एक्टर को इनकी जगह imagine लगभग असंभव हैं।

Kota Factory आप भले ही भूल जाओ लेकिन जीतू भईया का जो कैरेक्टर create किया हैं सीज़न 2 में, वो जिंदगीभर साथ रहने वाला हैं, इसकी गारन्टी में दे सकता हूँ।

सब बताते हैं मगर जीतू भईया महसूस करवाते हैं।

ये शो का डायलॉग हैं जो एकदम परफेक्ट तरीके से हमारे इमोशन्स को express करता हैं जीतू भईया के माध्यम से।

एक तो जितेंद्र कुमार की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक और उस पर राईटर्स के पेन से निकले गहरे और मतलब के one liners, Kota Factory season 2 सिर्फ इन दो चीज़ों के लिए देख लो, दिल खुश हो जाएगा दोस्त।

देखों, एक्टर्स को फ़ेमस तो बॉलीवुड भी कर सकता हैं लेकिन किरदारों को फ़ेमस करना उसमें TVF बाजी मार चुका हैं गुरु।

Kota Factory Season 2 Review: म्यूजिक

एक कमाल की चीज़ ओर हैं जो पिछले साल थोड़ा underrated रह गयी थी, Kota Factory का म्यूजिक।

बॉस इस सीज़न में हर एपिसोड का अंत एक गाने के साथ होगा और उसके लिरिक्स कुछ इस तरह से लिखें गए हैं की वो आपको पूरे एपिसोड में क्या हुआ सिर्फ 5 मिनट में याद दिला देंगे।

एक अलग ही लेवल की creativity हैं ये।

Kota Factory Season 2 Review: रेटिंग

तो दोस्त मेरी तरफ़ से Kota Factory season 2 को 5 में से 5 स्टार्स।

एक स्टार तो जबरदस्त और खुद से जुड़ा हुआ महसूस होने वाली राईटिंग के लिए मानों खुद की ज़िंदगी को दुबारा जिया हो हमनें, कुछ ऐसा महसूस हो रहा हैं।

एक स्टार पढ़ाई के बारे में शो को बनाकर पढ़ाई के अलावा बाकी सब चीज़ों को दिखाना इसके लिए दिमाग और creativity दोनों चाहिए जो TVF के पास हैं।

एक स्टार आईआईटी ही क्यों? ऐसे अहम सवाल जिनके जवाब शायद हमें अपनी real life में भी ना मिले और आईआईटी के गन्दे बिजनेस का असली सच इन दोनों चीज़ों को परत दर परत पूरी डिटेल के साथ सिर्फ दिखाया ही नहीं गया बल्कि अच्छे से समझाया भी गया हैं।

वो भी सिर्फ 30 मिनट में स्क्रीनप्ले एकदम कसा हुआ हैं बॉस।

एक स्टार जीतू भईया के लिए, ये तो बनता हैं बॉस।

इनका कैरेक्टर सच्चे इमोशन्स और ईमानदारी से भरे conversation के साथ लिखा गया हैं और साथ में जितेंद्र कुमार की एक्टिंग वो एकदम raw और natural, real life में एक आईआईटियन होने का सही फ़ायदा उठाया हैं इन्होंने।

और एक स्टार कोटा में स्टूडेंट्स के साथ साथ कोटा में टीचर्स वाले टॉपिक को पूरी तरह expose मारने के लिए, जिसपे किसी का ध्यान नहीं गया उसमें TVF ने पीएचडी कर डाली।

कुछ यूनीक और अलग।

चलो अब रिव्यू को साइड करो और जाओ नेटफ्लिक्स पर देखों Kota Factory season 2 अभी के अभी।

ये सिर्फ एक शो नहीं हैं बल्कि आपकी real life को आसान बनाने वाले हैं ये पांच एपिसोड्स।

वैसे अगर आप ऐसे ही शोज़ देखना पसंद करते हो तो कैम्पस डायरीज भी जरूर देखना, MX Player पर free में उपलब्ध हैं।

Kota Factory Season 2 Review: FAQ

Kota Factory seaeon 2 की रिलीज़ डेट क्या हैं?

Kota Factory का दूसरे सीज़न को 21 सितंबर 2021 के दिन रिलीज किया गया था इसे आप नेटफ्लिक्स पर देख सकतें हैं।

क्या Kota Factory real life पर आधारित हैं?

कोटा फैक्टरी के मेकर्स खुद आईआईटीयन हैं और इस शो को उन्होंने अपनी ज़िंदगी के अनुभवों से लिखा हैं जिसके चलते यह काफ़ी हद तक real life की घटनाओं से प्रेरित हैं।

Kota Factory इतनी पॉपुलर क्यों हैं?

इस शो को राजस्थान के कोटा शहर पर लिखा गया हैं जो भारत का सबसे बड़ा आईआईटी हब हैं जहाँ हर साल लाखों बच्चे आईआईटी करने जाते हैं। ये शो उनकी ज़िंदगी पर बना हैं जिसकी वजह से इसकी popularity बहुत ज्यादा हैं।

पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कीजिए!

Leave a Reply